क्या AI चिकित्सकों के ‘अंतर्ज्ञान’ का स्थान लेगा?  

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मेलबर्न। प्रभावी नैदानिक देखभाल में स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के अंतर्ज्ञान (इन्टूशन) को दुनियाभर में कई रिपोर्टों में बार-बार सत्यापित किया गया है। गंभीर रूप से बीमार बच्चों में सेप्सिस का पता लगाने की डॉक्टरों की क्षमता से लेकर मरीज की हालत खराब होने के ‘महत्वपूर्ण संकेत’ के रूप में ‘नर्स की चिंता’ तक अंतर्ज्ञान उच्च जोखिम वाले मरीजों की मदद करने में एक बड़ी भूमिका निभाता प्रतीत होता है जबकि डेटा या कम्प्यूटर से मिली जानकारी इलाज का दूसरा तरीका अपनाने का सुझाव देते हैं। 

कृत्रिम मेधा (एआई) ने पहले ही स्वास्थ्य देखभाल में बदलाव लाना शुरू कर दिया है और स्वास्थ्य क्षेत्र 2024 और उसके बाद भी एआई नवाचार पर विचार करना जारी रखेगा। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में यह सवाल खड़े होते हैं कि स्वास्थ्य देखभाल में इन मानवीय अनुमानों की क्या भूमिका होगी और क्या एआई डॉक्टरों की ‘अंत: भावना’ से आगे निकलने वाला है।

स्वास्थ्य देखभाल में एआई क्या है और कब इसका इस्तेमाल किया जाता है? 
बैबसन कॉलेज के थॉमस डेवनपोर्ट और डेलॉयट परामर्शक रवि कलाकोटा ने बताया है कि एआई स्वास्थ्य देखभाल में ‘नियम आधारित विशेष प्रणालियां’ शामिल हैं जो किसी समस्या का समाधान करने के लिए निर्धारित ज्ञान आधारित नियमों और ‘रोबोटिक प्रक्रिया ऑटोमेशन’ का इस्तेमाल करती है। स्वास्थ्य देखभाल में इस्तेमाल किए जाने वाले एआई के अन्य रूपों में रोबोट, प्राकृतिक भाषा संसाधन और मशीन लर्निंग शामिल हैं।

रोबोट चिकित्सा सामान को लाने-ले जाने तथा उनका भंडारण करने, मरीजों को उठाने तथा कुछ कार्यों में सर्जन की मदद कर सकता है। फिनलैंड के एक अस्पताल ने सात अरब यूरो की एक परियोजना शुरू की है जो 2028 में पूरी होगी जिसमें मरीजों की नाड़ी मापने, तापमान लेने और ऑक्सीजन सांद्रता का माप लेने जैसे काम में रोबोट की मदद ली जाएगी।  स्वास्थ्य देखभाल में मशीन लर्निंग उन प्रवृत्तियों की पहचान कर सकती है जो मनुष्यों से छूट सकती है जैसे कि अमाशय के कैंसर के मरीजों के जीवित बचने, कैंसर की मुख्य वजहों की पहचान और स्तन कैंसर के गलत पॉजिटिव परिणाम दिखाने के मामलों में कमी में एआई की भूमिका। एआई जो नहीं कर सकता , उसमें किसी स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर की ‘गट फीलिंग’ शामिल है। 

साथ ही ऐसे एआई अनुप्रयोगों के साथ निजता की चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं। भविष्य में स्वास्थ्य देखभाल में एआई की भूमिका का बेहतर विवरण यह हो सकता है : एआई डॉक्टरों का स्थान नहीं लेगा लेकिन वे डॉक्टर उन लोगों का स्थान लेंगे जो कृत्रिम मेधा का इस्तेमाल नहीं करते हैं।’’ एआई ने हमें एक उपयोगी उपहार दिया है : यह तलाशने का अवसर कि स्वास्थ्य देखभाल में मानव मेधा के कौन से पहलू अहम हैं और किन कार्यों में तकनीक की मदद ली जा सकती है।

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